यह इस आधुनिक युग में सिक्युरिटी को गंभीरता से लेने के लिए आवश्यकता है। सिक्युरिटी की
जरूरत
सिर्फ बिज़नेस और कमर्शियल के लिए नहीं है, बल्कि यह हमारे घर के लिए भी
है| आम जगहों पर अपराध और चोरी के बढ़ने के साथ ही, यह बहुत महत्वपूर्ण हो
गया है की आप सिक्युरिटी ऑप्शंस के बारे में विचार करें|
घर और काम के स्थान
पर सुरक्षा प्रदान करने का सबसे लोकप्रिय और प्रभावी तरीका है सीसीटीवी
कैमरा| सीसीटीवी कैमरें चोरों के लिए एक बहुत ही सफल प्रतिबंध के रूप में
कार्य कर सकते हैं, या निश्चित रूप से वे चोरो को कम से कम दो बार तो सोचने
पर मजबूर करते है। इन दिनों सिक्युरिटी इक्विपमेंट के पीछे की टेक्नोलॉजी
अविश्वसनीय रूप से उन्नत हो गयी है और फुटेज को साधारण टीवी या कंप्यूटर भी
देखा जा सकता है|
सीसीटीवी कैमेरा क्या है?
अधिकांश लोगों को
लगता है की सीसीटीवी को समझना कुछ मुश्किल है, इसके अलावा कई लोगों को यह
भी पता नहीं है सीसीटीवी कैसे काम करता है ... तो वास्तव में क्लोज सर्किट
टेलीविजन क्या है?
क्लोज सर्किट
टेलीविजन (सीसीटीवी) इसे वीडिओ सर्वेलन्स के रूप में जाना है| यह एक क्लोज
सर्किट सिस्टम है और इसमें सभी एलिमेंट्स सीधे जुड़े हुए हैं। सीसीटीवी
सिक्युरिटी कैमेरों के द्वारा रिकॉर्ड किए गए पिक्चर या वीडिओ को प्रसारित
नहीं किया जाता| इसके बजाय, वीडियो को DVR (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) या NVR
(नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर) पर रिकॉर्ड किए जाते है।
सीसीटीवी
इक्विपमेंट, वीडियो लगातार रिकॉर्ड कर सकते हैं या किसी विशेष घटना या दिन
के कुछ समय में नजर रखने के लिए इन्हे प्रोग्राम किया जाता हैं। वीडियो को
विशिष्ट समय की अवधि के लिए गुणवत्ता के विभिन्न स्तरों पर स्टोर किया जा
सकता है और युजर वापस जाकर पुराने वीडियो की जांच कर सकते हैं|
हिस्ट्री:
सीसीटीवी को वास्तव
में एक रॉकेट के लॉन्चिंग का निरीक्षण करने के लिए जर्मनी में वर्ष 1942
में पहली बार इस्तेमाल किया गया था। बाद में सीसीटीवी सिक्युरिटी कैमरे
बैंकों और कैसीनो में सुरक्षा के लिए लोकप्रिय हो गये, लेकिन आज वे रिटेल
बिज़नेस, एयरपोर्ट्स, रेस्टोरेंट्स, ट्रैफिक मॉनिटरिंग और अन्य इंस्टीट्यूशन
मुख्य रूप से अपने ग्राहकों की सुरक्षा के लिए निगरानी रखने के लिए
इस्तेमाल कर रहे हैं। बहरहाल, आज जब वे इस्तेमाल के लिए सरल और काफी सस्ते
हो गये है, तो इन्हे घर की सुरक्षा के लिए भी इस्तेमाल किया जाने लगा है।
आप को सिक्युरिटी कैमरा के किस प्रकार का उपयोग करना चाहिए?
कैमरों की एक
विस्तृत विविधता वीडियो निगरानी उद्देश्यों के लिए मार्केट में आज उपलब्ध
हैं। इनके विभिन्न फीचर्स, स्टाइल्स और ऑप्शंस होते है और आपको इनडोअर या
आउटडोअर, दिन या रात, या दोनों के दौरान, ऐसे कई फैक्टर्स पर निर्भर सही
सीसीटीवी सिक्युरिटी कैमरा का पता लगाना है|
सीसीटीवी कैमरा के प्रकार:
1) डोम सीसीटीवी कैमरा:
डोम कैमरे, टाइप की
एक विस्तृत विविधता में आते हैं। प्रत्येक डोम सिक्युरिटी कैमरा का प्रकार
यूनिक फीचर्स और फंक्शन प्रदान करता है| एक से अधिक डिस्क्राइब्ड फीचर्स
प्रदान करने वाले कैमरो का चयन करना भी संभव है|
a) इनडोर और आउटडोर सीसीटीवी कैमरा:
आम तौर पर सभी
आउटडोर कैमरों को घर के अंदर भी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन सभी इनडोर
कैमरों को आउटडोर के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जिन्हे सिर्फ घर कें
अंदर की सिक्युरिटी की जरूरत है, उन लोगों के लिए इनडोर कैमरा एकदम सही
हैं| आउटडोर डोम कैमरा विशेष मटेरियल से मिलकर बनाता है, ताकी वे मौसम और
तापमान का सामना कर सकें| आउटडोर डोम सिक्युरिटी कैमरें वेदरप्रूफ होते है
वे हर मौसम और तापमान का सामना कर सकते हैं।
b) इन्फ्रारेड डोम सीसीटीवी कैमरा:
लेकिन आप "नाइट विजन" और "डे / नाइट कैमरा" में कंफ्यूज न हो| डे/नाइट कैमेरा में इन्फ्रारेड लाइट नहीं होती|
c) डे / नाइट डोम कैमरे:
d) वैन्डल रेजिस्टेंस सीसीटीवी कैमेरा:
ई) PTZ (पैन-टिल्ट- ज़ूम):
2) आईपी (इंटरनेट प्रोटोकॉल):
गैर आईपी कैमरों
आमतौर पर एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर से कनेक्ट होते है। वे सीधे इंटरनेट
सें कनेक्ट नहीं होते, लेकिन डीवीआर से वे इंटरनेट सें कनेक्ट हो सकते है।
3) बुलेट कैमरा
यह कैमेरें आउटडोर
उपयोग के लिए आदर्श होते हैं, विशेष रूप सें लंबी दूरी पर नजर रखने के लिए|
इसका माउन्टिंग ब्रैकेट इस कैमेरें को वांछित दिशा पर नजर रखने के लिए
सक्षम बनाता बनाता है| इन्हे रेजिडेंशियल प्लेसेस के साथ कमर्शियल प्लेसेस
पर इस्तेमाल किया जाता है।
बुलेट कैमरा
विभिन्न आकार और क्षमता के साथ आते है| इनमें से कुछ कैमेरें में मैनुअल
ज़ूम लेंस और हाई रेंजे कैपेसिटी हो सकती है। इनमें आम तौर पर ऑटोमेटिक
बैकलाइट कंपनसेशन फीचर होता है जो कैमेरा के इलेक्ट्रॉनिक शटर को ऑटोमेटिक
एडजस्ट करता है, जिससें कंट्रास्टिंग लाइट में भी देखा जा सकता है| इन्हे
सीलिंग या वाल पर इंस्टॉल किया जा सकता है और इनके लिए पावर एडेप्टर की
आवश्यकता होती है।
4) सी-माउंट कैमरा
हर एक प्रकार का
आईपी कैमरा विशिष्ट उद्देश्य के लिए आइडियल होता है। उदाहरण के लिए, डोम
आईपी कैमरा आउटडोर उपयोग के लिए, जब कि PTZ आईपी कैमरा सबसे अच्छा व्यूइंग
एंगल देता है और आईपी कैमरा इन्फ्रारेड लाइट से लैस होता है जो रात के समय
में निगरानी रख सकते है| इसलिए यह महत्वपूर्ण है की कैमेरा खरीदने से पहले
नेटवर्क सिक्युरिटी कैमेरों के विभिन्न प्रकार का पता होना चाहिएं|
घर या ऑफिस में सिक्युरिटी कैमेरा को कैसे इंस्टॉल करें?
सुरक्षा के लिए
कैमेरा के द्वारा निगरानी रखना अब सभी होम या कमर्शियल जगहों के लिए
अत्याव्यश्यक बनाता जा रहा है और अब युजर को आम ख़तरे, कस्टमाइजेशन ऑप्शंस
और पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली के फायदे को समझना महत्वपूर्ण है।
एक सफल सीसीटीवी सर्वेलन्स सिस्टम को लागू करने के लिए सिक्युरिटी प्रोफेशनल्स के लिए यहाँ कुछ कदम हैं|
1) प्लानिंग:
सबसे पहाला स्टेप्स
यही है की आपकी जरूरत के हिसाब सें सर्वेलन्स सिस्टम का एक डायग्राम बना
लें| घर या ऑफिस के लिए आप एक रूप-रेखा तैयार कर लें| आप किस एरिया पर सबसे
जादा नजर रखना चाहतें है उसे प्राथमिकता दें और उसके बाद कैमरों की जगह का
फैसला लें| जब आप कैमरा की लोकेशन का प्लान कर रहे हो तब लाइट की कंडीशन
के बारें में विचार करें और यह सुनिश्चित करें की कैमेरे व्यू के बिच में
कोई चिज ना आए और कैमेरा अपना बेस्ट व्यू दे पांए|
2) सीसीटीवी कैमरा का चयन:
आज मार्केट में कई सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध हैं और आपकी स्थिति के लिए सबसे अच्छा कौन सा कैमेरा काम करेगा यह तय करना महत्वपूर्ण है।
कैमेरा खरीदने से पहले, यह कैमेरें किस तरह इस्तेमाल किया जाएगां, इसके लिए बजट कितना यह समझना आपके लिए महत्वपूर्ण है।
3) इक्विपमेंट्स की जरूरत:
इससे पहले कि आप
सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल करें, इनके लिए उचित कौनसे इक्विपमेंट्स होने चाहिए
इसका ज्ञान होना आवश्यक है| जब आप कैमरा खरीदने जाएं तब इसके साथ कौनसे
आइटम शामिल हैं यह देखें|सर्विलांस सिस्टम में मुख्य रूप सें सीसीटीवी
कैमेरें, डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर), पावर सप्लाइ, केबल और मॉनिटर
होते है| डीवीआर रिकॉर्डिंग को स्टोर करता है और उसके आउटपूट को टीवी या
मॉनिटर पर दिखाता हैं| डीवीआर खरीदने से पहले आपको इस बात का ध्यान रखना
होगा की इस डीवीआर को कितने कैमेरें कनेक्ट करने वाले हैं| आमतौर पर डीवीआर
1, 4, 8 और 16 कैमरे चैनल में आता है। इसलिए अगर आप 4 कैमेरे लगाना जा रहे
है तो 4 चैनल का डीवीआर ले सकते है, लेकिन भविष्य में अगर विस्तार का
प्लान है तो कैमरा कि संख्या से जादा चैनल का डीवीआर लें| इसमें 1 टीबी
क्षमता की हार्ड डिस्क लगा लें, जो ३० दिनों तक की रिकॉर्डिंग स्टोर कर
सकती हैं|
4) इंस्टॉलेशन लोकेशन को सिलेक्ट करें:
जब कैमेरों के लिए सभी इक्विपमेंट्स आपके के हाथ में हों, तब अलगा कदम है कैमेरों की इंस्टॉलेशन कि जगह|
आउटडोर कैमेर के
लिए दीवार जहां छत से मिलती है वह स्थान आदर्श हैं| इनडोर कैमेरे आप जितने
एरिया को कवर करना चाहतें है वह कवर हो जाएं ऐसे जगह इंस्टॉल करें|इसके साथ
ही आप डीवीआर और डिस्प्ले मॉनिटर कि जगह भी सुनिश्चित कर लें| क्योकी सभी
कैमेरों की केबल इस डीवीआर तक आएगी|
5) वायरिंग कि सेटिंग करें:
वाल और सिलिंग्स और फ्लोर्स के बीच होल ड्रिलिंग करके और केबल बिछाकें केबलींग करें|
6) कैमरा लगाएं:
सिक्युरिटी कैमेरों
के अलग अलग मॉडल के लिए उनका इंस्टॉलेशन का तरिका भी भिन्न होता है, इसलिए
यही अच्छा होगा की आप मैन्युफैक्चरर के इंस्ट्रक्शंस का पालन करें|
7) सभी कंपोनेंट्स को कनेक्ट करें:
कैमेरों के
इंस्टॉलेशन के बाद अगला कदम है सर्विलांस सिस्टम के सभी कंपोनेंट्स को
कनेक्ट करें| सभी कैमेरों को पहले डीवीआर को कनेक्ट करें, बाद में पावर
कनेक्टर लगाएं|
8) सिस्टम को कॉन्फ़िगर:
सर्विलांस सिस्टम
कंप्यूटर के साथ काम करने के लिए एक सरल प्रक्रिया है। एक बार सिस्टम
कनेक्ट और पावर आन हो जाएं, कंप्यूटर पर कैमेरे का सॉफ्टवेयर इंन्स्टॉल
करें|
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